मॉस्को ओलपिंक के गोल्ड मेडलिस्ट हॉकी स्टार और कोच कौशिक का कोरोना से निधन

कोरोना वायरस ने देश में तबाही मचाई हुई है। भारत में रोजाना लाखों लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हो रहे हैं। वहीं हजारों लोग रोजना इस जानलेवा वायरस की वजह से काल का ग्रास बन रहे हैं। कोरोना की वजह से पूर्व हॉकी खिलाड़ी और कोच एम के कौशिक का निधन हो गया है। कौशिक तीन सप्ताह तक कोविड-19 से जूझ रहे थे और शनिवार को उन्होंने अंतिम सांस ली। 66 वर्षीय कौशिक के परिवार में पत्नी और पुत्र हैं।

17 अप्रेल को रिपोर्ट आई थी पॉजिटिव
कौशिक मास्को ओलंपिक 1980 में स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम के सदस्य रह चुके थे। 17 अप्रेल को कौशिक की कोविड-19 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। इसके बाद उन्हें ईलाज के लिए एक नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था। कौशिक के पुत्र ने एक न्यूज एजेंसी को बताया कि कौशिक को शनिवार सुबह वेंटीलेटर पर रखा गया लेकिन उनका जीवन नहीं बचा पाए।

यह भी पढ़ें— रानी समेत महिला हॉकी टीम के 7 सदस्यों ने कोरोना को दी मात, जल्द शुरू करेंगी ट्रेनिंग

सीनियर पुरुष और महिला टीमों के कोच रहे
बता दें कि कौशिक ने भारत की सीनियर पुरुष और महिला हॉकी टीमों को कोचिंग दी थी। उनके कोच रहते हुए भारतीय पुरुष टीम ने बैकाक एशियाई खेल 1998 में स्वर्ण पदक जीता था। इतना ही नहीं उनके कोच रहते हुए भारतीय महिला टीम ने दोहा एशियाई खेल 2006 में कांस्य पदक हासिल किया था। कौशिक को वर्ष 1998 में अर्जुन पुरस्कार और वर्ष 2002 में द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

यह भी पढ़ें—स्पेन और जर्मनी के खिलाफ होने वाले भारत के हॉकी प्रो लीग मैच स्थगित

रविंदर पाल सिंह का भी कोरोना से निधन
कौशिक के अलावा हॉकी के पूर्व खिलाड़ी रविंदर पाल सिंह का भी कोरोना से निधन हो गया। रविंदर पाल ने शनिवार की सुबह लखनऊ में अंतिम सांस ली। 60 साल के रविंदर को कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद 24 अप्रेल को विवेकानंद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बता दें कि रविंदर ने शादी नहीं की थी। रिपोर्ट के अनुसार, रविंदर पाल सिंह कोरोना संक्रमण से उबर चुके थे। उनका कोविड टेस्ट भी नेगेटिव आ गया था और वे कोरोना वार्ड से भी बाहर आ चके थे, लेकिन शुक्रवार को अचानक उनकी हालत बिगड़ी और उन्हें वेंटिलेटर पर रखना पड़ा। शनिवार सुबह उनका निधन हो गया। लॉस एंजिलिस ओलिंपिक 1984 खेल चुके रविंदर पाल सिंह 1979 जूनियर विश्व कप भी खेले थे। हॉकी छोड़ने के बाद उन्होंने स्टेट बैंक से स्वैच्छिक सेवानिवृति ले ली थी।



from https://ift.tt/3bdPnFh

Post a Comment

0 Comments